अश्वगंधा के सेवन के फायदे।

  1. याददाश्त बढ़ाने के लिए फायदेमंद अश्वगंधा का उपयोग।।
  2. कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए अश्वगंधा चूर्ण का सेवन है फायदेमंद।।
  3. स्किन के लिए फायदेमंद अश्वगंधा।।
  4. घाव को भरने के लिए अश्वगंधा है फायदेमंद।।
  5. बालों के लिए फायदेमंद अश्वगंधा।।
  6. वजन कम करने मे अश्वगंधा का उपयोग।।
  7. ह्रदय रोग के बचाव के लिए अश्वगंधा।।
  8. कॉर्टिसोल के स्तर को कम करने में सहायक।।

अश्वगंधा का उपयोग सदियों से विश्व में उसके अनगिनत लाभ के कारण हो रहा है। वैज्ञानिक भी अश्वगंधा को गुणकारी औषधि मानते हैं। अश्वगंधा व्यक्ति को स्वस्थ रखने में अहम योगदान निभा सकता है, इसी वजह से गुणों से भरपूर अश्वगंधा के फायदे के बारे में हम विस्तार से देखेंगे। बेशक अश्वगंधा एक औषधि है, लेकिन इसकी मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है। साथ ही इसके सेवन से होने वाले लाभ को भी।।

अश्वगंधा क्या है ।

अश्वगंधा एक जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल प्राचीन काल से किया जा रहा है। इस जड़ी बूटी से अश्वगंधा चूर्ण पाउडर और कैप्सूल बनाया जाता है। अश्वगंधा का वैज्ञानिक नाम भी वीथानीय सोम्निफेरा है। आम बोलचाल में अश्वगंधा के साथ-साथ इंडियन जिंसेंग और इंडियन विंटर चेरी भी कहा जाता है। मुख्य रूप से इसकी खेती भारत के सूखे इलाकों में होती है जैसे मध्यप्रदेश,पंजाब, राजस्थान व गुजरात। इसे बहुताय संख्या में चीन और नेपाल में भी उगाया जाता है। साथ ही विश्व में भी कई स्थानों पर अश्वगंधा की खेती प्रारंभ हो गई है। विश्व भर में अश्वगंधा की 23 और भारत में अश्वगंधा की दो प्रजातियां पाई जाती है। अश्वगंधा की तासीर गर्म होने के कारण इसे शीत ऋतु में इस्तेमाल करना अत्यधिक फायदेमंद माना जाता है।

अश्वगंधा में पाए जाने वाले औषधीय गुण।।

अश्वगंधा को संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद एवं उपयोगी माना जाता है। अश्वगंधा के गुण में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी स्ट्रेट ,एंटी बैक्टीरियल ऐंटीएजेंट गुण पाये जाते है साथ ही अश्वगंधा इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने का काम करता है। इसके सेवन से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी बेहतर होती है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए फायदेमंद अश्वगंधा का उपयोग।।

स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह और बदलती दिनचर्या तेजी से मस्तिष्क की कार्य क्षमता को प्रभावित कर सकती है। अश्वगंधा का इस्तेमाल करके हम हमारी याददाश्त की या मस्तिष्क की याददाश्त शक्ति को बढ़ा सकते हैं। अश्वगंधा मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और याददाश्त पर सकारात्मक असर डालता है।अश्वगंधा का सेवन से नींद अच्छी आ सकती है।जिससे मस्तिष्क को आराम मिलता है और वह बेहतर तरीके से कार्य करता है काम कर सकता है।

कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए अश्वगंधा चूर्ण का सेवन है फायदेमंद।।

अश्वगंधा एक सर्व शक्तिशाली औषधी है। अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। एक शोध में कहा गया है कि अश्वगंधा कोलेस्ट्रोल के साथ ही एलडीएल को भी कम करने में मदद करता है।एक रिसर्च में कहा गया है कि अश्वगंधा 30 दिन के बाद तक दिखाई दे सकते हैं।

मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए अश्वगंधा के फायदे।।

अश्वगंधा मस्तिष्क के विकार,चिंता,अवसाद और तनाव को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा अश्वगंधा से याददाश्त बेहतर बनाई जा सकती है।इतना ही नहीं मस्तिष्क के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एवं मस्तिष्क के विकास में भी अश्वगंधा सहायक होता है।एक शोध में बताया गया कि अश्वगंधा में स्मृति सुधार प्रभाव होने के साथ ही याददाश् को बढ़ाने की क्षमता भी होती है। काग्निशन कुछ महत्वपूर्ण मानसिक प्रक्रियाओं का सामूहिक नाम है। इससे सरल भाषा में समझे तो अश्वगंधा विचारों अनुभव और इंद्रियों के माध्यम से समझने की क्षमता से संबंधित मानसिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।इसके अलावा अश्वगंधा में मौजूद कंपाउंड तंत्रिका तंत्र के विकास में भी मदद कर सकता है।

स्किन के लिए फायदेमंद अश्वगंधा।।

अश्वगंधा त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करता है। एजिंग से बचने के लिए भी अश्वगंधा बहुत फायदेमंद है। अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है इसलिए यह त्वचा के लिए लाभकारी तो है ही एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में बनाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़कर बढ़ती उम्र या एजिंग के लक्षण को, जैसे झुर्रियां और स्किन का ढीला पड़ जाना आदि से त्वचा को बचा सकता है। अश्वगंधा में मौजूद यह गुण सूरज की पराबैंगनी किरणों के कारण होने वाले कैंसर से बचाने में भी मदद करता है। बेहतर त्वचा के लिए अश्वगंधा का उपयोग फेस पैक बनाकर किया जा सकता है।

घाव को भरने के लिए अश्वगंधा है फायदेमंद।।

अश्वगंधा सीधे तौर पर घाव भरने में मदद नहीं कर सकता। लेकिन घाव में बैक्टीरिया को पनपने से रोक सकता है। दरअसल इसमें मौजूद एंटीमाइक्रोबियल्स प्रभाव गांव में पनपने वाले जीवाणुओं को खत्म करके इंफेक्शन के खतरे को रोक सकता है। ऐसे में घाव गहरा नहीं होता और घाव ठीक होने के लिए लगने वाले समय भी कम हो सकता है। घाव या चोट वाली जगह पर इसका पेस्ट या फिर तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें !कि गहरा घाव होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूर लेनी चाहिए महज अश्वगंधा या घरेलू उपचार पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

बालों के लिए फायदेमंद अश्वगंधा।।

अश्वगंधा पाउडर बालों को स्वस्थ बनाए रखने और झड़ने से बचाने में भी उपयोगी है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के मुताबिक अनुवांशिक कारण व थायराइड की वजह से टूट रहे बालों को रोकने में अश्वगंधा मदद करता है अश्वगंधा बालों के मैंलेने को भी बढ़ा सकता है जिसकी वजह से बालों का रंग बना रहता है। डैंड्रफ में अश्वगंधा चूर्ण और फायदेमंद होता है कई बार स्ट्रेस और अच्छी नींद ना आने की वजह से भी डैंड्रफ बना रहता है दरअसल ऐसा सेबेसिक डर्मेटाइटिस* विकार के कारण हो सकता है। इसमें स्कैल्प में खुजली, लाल चकत्ते और डैंड्रफ की समस्या होने लगती है। ऐसे में अश्वगंधा में मौजूद एंटी स्ट्रेस गुण लाभदायक हो सकता है।यह स्ट्रेस को कम करके डैंड्रफ दूर कर सकता है साथ ही इसमें anti-inflammatory गुण भी सेबेसिक डर्मेटाइटिस को ठीक कर सकता है। प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उनके बाल समय से पहले सफेद ना हो । इस चाहत को अश्वगंधा से पूरा किया जा सकता है यह आयुर्वेदिक औषधि बालों में मेलानिने के उत्पाद को बढ़ाती है। मेलानिन, बालों के प्राकृतिक रंगों को बनाए रखने में मदद करता है ।

वजन कम करने मे अश्वगंधा का उपयोग।।

एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार अश्वगंधा की जड़ के अर्क का सेवन करने से वजन में कमी पाई गई।शोध में बताया गया कि अश्वगंधा की जड़ का अर्थ तनाव के मनोवैज्ञानिक लक्षणों में सुधार कर सकता है। यह तनाव और चिंता को कम कर भोजन की तीव्र इच्छा में कमी लाकर वजन को कम करने में सहायक हो सकता है। हालांकि शोध में यह भी कहा गया है कि तनाव की वजह से बढ़ने वाले वजन को कम करने में अश्वगंधा की क्षमता को लेकर अध्ययन की जरूरत है। साथ ही वजन कम करने के लिए संतुलित आहार तथा नियमित व्यायाम भी अति आवश्यक है।

ह्रदय रोग के बचाव के लिए अश्वगंधा।।

अश्वगंधा में कार्डियोप्रोटेक्टिव प्रभाव होता है जो राधे को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है इस इफ़ेक्ट का कारण अश्वगंधा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गतिविधियों को माना जाता है इसके अलावा अश्वगंधा में मौजूद हाइपोलिपिडेमिक कोलेस्ट्रोल को कम करके राधे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है

कॉर्टिसोल के स्तर को कम करने में सहायक।।

कॉर्टिसोल एक प्रकार का हार्मोन होता है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है।यह शारीरिक परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हार्मोन में से एक है। जब रक्त मे इस हार्मोन का स्तर बढ़ता है तो शरीर में फेट के साथ और स्ट्रेस का स्तर भी बढ़ने लगता है। इससे शरीर को विभिन्न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं इसलिए कोर्टिसोल के स्तर को कम करना जरूरी है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अश्वगंधा के प्रयोग से कॉर्टिसोल को कम किया जा सकता है। ध्यान रखें कि इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

अश्वगंधा की तासीर गर्म होने की वजह से इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से बचना चाहिए। इसका सेवन लंबे समय तक नहीं किया जाना चाहिए। किसी विशेषज्ञ से राय लेकर इसकी मात्रा एवं सेवन के समय को निर्धारित करना चाहिए। आंख संबंधी परेशानियों वाले व्यक्तियों को इसके सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।