कड़वे नीम के मीठे फायदे! 🍂🍃

नीम को उसके कड़वे पन के कारण जाना जाता है। कड़वा होने के बाद भी नीम स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक होता है। नीम का पेड़ और उसकी पत्तियां,छाल कठोर एवं दादरी युक्त होती है। सभी चीज़े उपयोग करने लायक होती है, एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम को सर्वोच्च औषधि के रूप में सदियों से उपयोग किया जा रहा है यह स्वाद में भले ही कड़वा हो लेकिन इससे होने वाले लाभ अमृत के समान होते हैं। नीम के पास आपकी हर समस्या का इलाज होता है, लेकिन आइए जाने नीम के औषधि गुण के महत्व नीम की पत्तियों के अलावा नीम के पौधे के सारे भाग का उपयोग हम उसी के रूप में कर सकते हैं नीम के पेड़ के सारे भागों का अपना औषधीय महत्व है नीम के पत्तों से लेकर नीम के फल,नीम की निंबोली सभी महत्वपूर्ण होते हैं।नीम की पत्तियो भारतीय संस्कृति को अलग ही महत्व है भारतीय संस्कृति में नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की गुड़ी पड़वा के दिन से होता है। इस दिन लोग शक्कर एवं नीम का सेवन करते हैं।

भारत में नीम का उपयोग औषधि पौधों के रूप में किया जाता है आज के समय में बहुत सी एलोपैथिक दवाइयां नीम की पत्तियों को उसकी छाल से बनी होती है नीम के पेड़ के सभी भाग फायदेमंद होते है ।बहुत सी बीमारियों का उपचार इससे किया जा सकता है।भारत में नीम का पेड़ घर में लगाना शुभ माना जाता है।नीम जीतना कड़वा होता है उतना ही फायदे देने वाला होता है यहां बताए गए नीम के पौधे के गुण का उपयोग कर आप बहुत सी बीमारियों का उपचार घर पर ही कर सकते हैं।

#1 नीम की पत्तियों का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है जैसे कि दाद खाज, खुजली, त्वचा संबंधित रोग, मलेरिया ,बुखार, सिर दर्द ,दांत दर्द ,हाथ पैर दर्द और सीने में दर्द की समस्या होने पर नीम के तेल की मालिश से काफी लाभ मिलता है । नीम के फल का उपयोग कफ और कृमि नाशक के रूप में किया जाता है।

#2कई लोग नीम की टहनी का इस्तेमाल दांतों को ब्रश करने में करते हैं।ऐसा हफ्ते में एक से दो बार करना चाहिए। नीम की टहनी से ब्रश करने से दांत मजबूत एवं दातों के सारे किनारों नष्ट हो जाते हैं। दांत मजबूत होते है पायरिया,दांतों से खून आना,बदबू आदि समस्याओं से छुटकारा प्राप्त होता है।

#3कील मुहांसों में भी नीम बहुत फायदेमंद सिद्ध होता है। चेहरे पर कील मुंहासे होने पर नीम की छाल को पानी में घिसकर लगाने से दाग़ धब्बों को बहुत हद तक कम किया जाता है। इसके अलावा नीम की पत्तियों का लेप लगाने से भी त्वचा कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। साथ ही दाद,खाज, खुजली पर नीम के तेल में कपूर मिलाकर त्वचा पर लगाने पर आराम मिलता है। नीम की पत्तियों का लेप झुर्रियों आदि पर लगाने से झुर्रियां धीरे-धीरे कम होने लगती है। साथ ही नीम का तेल त्वचा में ठंडक भी पहुंचाता है।

#4सिर दर्द,दांत के दर्द ,हाथ पैर में दर्द और सीने में दर्द की समस्या होने पर भी नीम के तेल की मालिश करने से काफी आराम मिलता है।

#5मलेरिया बुखार में भी नीम की छाल का बहुत महत्वपूर्ण है मलेरिया बुखार होने की स्थिति में नीम की छाल को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बना लें।अब काढ़े को दिन में 2-3 छोटे चम्मच भर कर पीने से बुखार ठीक होता है। तथा कमजोरी भी ठीक होती है।

#6किसी भी प्रकार का घाव हो जाने पर नीम के पत्तों का लेप लगाने से काफी राहत महसूस होती है इसके अलावा जैतून के तेल के साथ नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर लगाने से नासूर भी ठीक होता है। साथ ही त्वचा में ठंडक भी पहुंचती है।

#7नीम बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है नीम बालो के लिए अच्छे कंडीशनिंग का काम करती है। इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर उसके पानी से बाल धोने से रूसी जैसी समस्या दूर हो जाती है साथ ही साथ बालों में चमक भी आती है और बालों के झड़ने की समस्या भी दूर होती है

#8नीम की पत्तियां चबाने से रक्त शोधन होता है,और त्वचा विकार रहित और कांतिमान होती है।पीलिया के उपचार में मददगार नीम की पत्तियां नीम की पत्तियों के रस को शहद में मिलाकर पीना फायदेमंद होता है। इसको कान में डालने से कान के विकार भी दूर होते हैं।नीम के तेल की 5 से 10 बूंदों को सोते समय दूध में डालकर पीने से पसीना आने और जलन होने संबंधी विकार दूर हो जाते है। नीम के बीजों के चूर्ण को खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से कब्ज,बवासीर में काफी फायदा होता है।

#9नीम की पत्तियां मधुमेह रोग में भी अत्यंत लाभकारी है। इसका प्रयोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी किया जाता है यह जीवाणु नाशक, रक्तशोधक एवं त्वचा विकारों में गुणकारी है। यह बुखार में भी लाभदायक होती है नीम स्वास्थ्यवर्धक एवं आरोग्यता प्रदान करने वाला औषधीय पौधा है।

#10 खाद्यान्न को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए भी नीम की पत्तियों का उपयोग किया जाता है।नीम की पत्तियों में जीवाणु को नाश करने की क्षमता होती है। इसलिए घरों में खाद्यान्न जैसे गेहूं,चावल,ज्वार, मक्का आदि को लंबे समय तक स्टोर कर सकते है।

#11नीम की पत्तियां और अजवाइन को बराबर मात्रा में पीसकर इसे कनपटी पर लेप लगाने से नाक से खून बहना यानी नकसीर बंद हो सकती है।

#12किसी व्यक्ति को यदि आंखों में दर्द हो तो उसकी दूसरी ओर से कान में नीम के कोमल पत्तों का रस डालने से आराम मिलता है यदि दोनों आंखों में दर्द हो तो दोनों कानों में कुछ मात्रा में नीम के पत्तों का रस डालें। तुरंत दर्द समाप्त हो जाएगा। नीम के पत्ते और लोंग के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिलाकर बांधकर उस पोटली को पानी में डालकर इस पानी की दो से तीन बंदे आंखों पर रखने से आंखों की सूजन तथा दर्द आदि रोग दूर होते हैं। यदि आंखों के ऊपर सूजन के साथ ही दर्द, खुजली एवम् आँखो के अंदर खुजली होती हो तो नीम के पत्तों तथा सूट को पीसकर थोड़ा सेंधा नमक मिला लें। इसे हल्का गर्म कर लें एक कपड़े की पट्टी पर इसे रखकर आंखों पर बांधे 2 से 3 दिन में आप आंखों की समस्या से आराम मिलेगा। यह प्रयोग रात में किया जाए, इसके अलावा नीम के फूलों को छाया में सुखाकर बराबर भाग कलमीशोरा मिलाकर महीन पीसकर कपड़े से छान लें। इसको आंखों में काजल की तरह लगाने से आंखों की खुली यानी मोतियाबिंद, धुंध जाला इत्यादि रोगों से भी लाभ मिलता है। और आंखों की ज्योति बढ़ती है।इसके अलावा रतौंधी में नीम के कच्चे फल का दूध आंखों में काजल की तरह लगाएं इससे निश्चित रूप से लाभ होगा।