तुलसी के औषधीय गुण तथा इसके फायदे एवं उपयोग!

भारत के अधिकांश घरों के आंगन में तुलसी के पौधों की पूजा की जाती है तथा घरों के आंगन में तुलसी के पौधों को लगाने की परंपरा सालों से चली आ रही है ! हमारे ऋषियों को लाखों वर्ष पूर्व तुलसी के औषधीय गुणों का ज्ञान था इसीलिए इसको दैनिक जीवन में प्रयोग हेतु तुलसी को प्रमुख  रूप से स्थान दिया  है! आयुर्वेद में भी तुलसी के फायदों का विस्तृत उल्लेख औषधीय गुणों और उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है!

तुलसी क्या है?

तुलसी एक औषधीय गुणों से युक्त पौधा है जिसमें विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं !सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर तुलसी औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है ; क्योंकि इससे ज्यादा उपयोगी मनुष्य जाति के लिए कोई दूसरी हो ही नहीं सकती! तुलसी के धार्मिक महत्व के कारण हर घर आंगन में पौधे लगाए जाते हैं! तुलसी की कई प्रजातियां पाई जाती है जिनमें श्वेत व कृष्ण प्रमुख है,इन्हें राम तुलसी और कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है ; इनके फूल छोटे-छोटे सफेद और बैंगनी रंग के होते हैं, इसका पुष्प काल एवं फल काल जुलाई से अक्टूबर तक होता है!

मस्तिष्क के लिए फायदेमंद तुलसी की पत्तियां।

दिमाग के लिए भी तुलसी के फायदे लाजवाब तरीके से काम करते हैं! इसके रोजाना सेवन से मस्तिष्क की कार्य क्षमता बढ़ती है और याददाश्त तेज होती है, इसके लिए रोजाना तुलसी की 4 से 5 पत्तियों को पानी के साथ निकल कर खाएं!

तुलसी की पत्तियां से बने शरबत को आधी से डेढ़ चम्मच की मात्रा में बच्चों को तथा दो से चार चम्मच तक बड़ों को सेवन करने से खांसी, श्वास कुकुर खांसी और गले की खराश में लाभ होता है! इस शरबत में गर्म पानी मिलाकर लेने से जुकाम तथा दमा में भी बहुत लाभ होता है! ग्रामीण क्षेत्रों में खांसी के घरेलू उपाय में काढ़ा का इस्तेमाल प्रचुर मात्रा में किया जाता है ! इस को बनाने के लिए एक चम्मच चाय पत्ती, एक ग्लास पानी में तथा अदरक ,तुलसी, काली मिर्च इत्यादि को आधी आधी चम्मच मात्रा में मिलाकर उबालकर तथा छानकर पीने से गले की खराश या किसी भी प्रकार की खांसी से निजात पाया जा सकता है!

सूखी खांसी तथा दमा से आराम।

अस्थमा के मरीजों के लिए तथा सूखी खांसी से पीड़ित लोगों के लिए तुलसी की पत्तियां बहुत ही गुणकारी होती है! इसके लिए तुलसी की मंजरी ,प्याज का रस और शहद को मिला लें और इस मिश्रण के सेवन से सूखी खांसी एवं दमें में की परेशानी से निजात प्राप्त होता है!

अपच के इलाज में।

यदि किसी अपच की समस्या हो गई हो तो तुलसी का सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है! इसके लिए तुलसी की 2 ग्राम मंजूरी को पीसकर काले नमक के साथ दिन में दो से तीन बार लेने पर फर्क महसूस होता है!

मूत्र में जलन से आराम

मूत्र में जलन होने पर भी तुलसी के बीजों का उपयोग करने से आराम प्राप्त होता है! तुलसी के बीज तथा जीरे का चूर्ण 1 ग्राम लेकर उसमें 3 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह तथा शाम को दूध के साथ लेने से मूत्र में जलन में लाभ मिलता है!

पथरी की समस्या दूर करने में असरदार तुलसी

यदि किसी पथरी की समस्या हो तो उसे तुलसी का सेवन करने पर काफी हद तक फर्क देखा जा सकता है! इसके लिए तुलसी की दो से 3 ग्राम पत्तियों को पीसकर शहद मिलाकर खाया जाए तो यह पथरी से छुटकारा दिलाने में मदद करती है! हालांकि पथरी होने पर सिर्फ घरेलू उपाय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर पथरी की जांच तथा उसका इलाज करवाना अत्यंत आवश्यक है!

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार तुलसी।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तुलसी का नियमित सेवन करना चाहिए! जिससे सर्दी जुकाम और अन्य संक्रमण बीमारियों से बचाव होता है !20 ग्राम तुलसी बीज चूर्ण में 40 ग्राम मिश्री मिलाकर पीसकर रख लें सर्दियों में इस मिश्रण का कुछ दिन सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा 5 से 10 कृष्ण तुलसी पत्र स्वरस में दोगुनी मात्रा में गाय का गुनगुना घी मिलाकर सेवन करने से भी वात और कब्ज से जुड़े रोग से आराम मिलता है।

टाइफाइड में उपयोगी।

यदि कोई व्यक्ति टाइफाइड से पीड़ित है तो तुलसी के पत्तों को 15 मिली शहद की मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार पिए तुलसी अर्क के फायदे से टाइफाइड का बुखार जल्दी ठीक हो जाता है। यही नहीं बल्कि किसी भी तरह का बुखार होने पर सर्दी खांसी अथवा जुकाम होने पर भी इसका काढ़ा बनाकर पीने से आराम प्राप्त होता है।

दाद खाज खुजली का इलाज!

यह दाद से होने वाली खुजली को कम करता है।और साथ ही उसके घाव को जल्दी भरने में मदद करता है। तुलसी के अर्क का सेवन यदि नियमित रूप से किया जाए ,तो यह रक्तशोधक अथवा रक्त को शुद्ध करने का कार्य करता है अशुद्ध रक्त का शोधन अर्थात रक्त को साफ कर त्वचा संबंधी परेशानियों को दूर करने में भी तुलसी सहायक होती है।

क्या तुलसी अदरक काली मिर्च काकड़ा कोविड-19 से बचाव में कारगर हैं?

तुलसी में बहुत से औषधि गुण मौजूद होते हैं। तुलसी हमारे शरीर की इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाने में मदद करती है । यही कारण है कि अमेठी बढ़ाने और कोरोनावायरस से बचाव के लिए तुलसी का काढ़ा पीने की सलाह अधिकांश विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है।आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों में भी कोविड-19 से बचने के लिए हर्बल काढ़ा पीने की बात कही गई है। इस हर्बल काढ़े में तुलसी एक प्रमुख घटक के रूप में शामिल है। तुलसी के काढ़े का सेवन अन्य कई वायरल इंफेक्शन के इलाज में किया जा सकता है तथा यह सर्दी खांसी जुकाम आदि से निपटने में मदद करती है तथा कब्ज संबंधी समस्याओं को भी दूर करती है

घर पर तुलसी का काढ़ा कैसे बनाएं?

ग्रामीण क्षेत्रों में तुलसी क का इस्तेमाल औषधियों के रूप में तथा देसी इलाज मे किया जाता है । यह आम बात है। तुलसी का काढ़ा बनाना बहुत ही आसान है। तथा इसके काढ़े का सेवन सभी को करना चाहिए । इसके लिए एक गिलास पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां डालकर 10 से 15 मिनट तक उबाला जाए,उसके बाद उसमें कुछ मात्रा में चाय पत्ती,अदरक तथा काली मिर्च आदि को पीसकर डाल कर अच्छे से उबालें जब तक कि एक चौथाई पानी बच जाए ।बाद में छानकर हल्का हल्का गुनगुना होने पर पिए या काढा ना केवल सर्दी जुकाम दूर करने और कोविड-19 जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद करता है। बल्कि हमारी इम्युन सिस्टम को भी मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।