सौंफ से होने वाले आश्चर्यजनक फायदे!!!

अक्सर हमारे घरों में खाना खाने के बाद थोड़ी सी सौंफ खाई जाती है! और हमारे घरों की रसोई में सौंफ का इस्तेमाल एक मसाले के रूप में होता है जो कि हमारी सब्जियों में जायका लाने के लिए होता है!दक्षिण भारत में सौंफ के पानी को पाचन के लिए अच्छा माना जाता है पूर्वी भारत में पंच फोरन नामक मसालों के मिश्रण में प्रमुख सामग्रियों में से एक है दक्षिण भारत खासतौर पर कश्मीर और गुजरात में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है मूल रूप से सॉप भूमध्य सागरीय क्षेत्र से संबंधित रखती है! सबसे पहले ग्रीस ने इसकी खेती की थी! अक्सर हमारे घरों में सौंफ का इस्तेमाल माउथ फ्रेशनर के रूप में भी किया जाता है पर क्या आप जानते हैं? कि हमारे किचन कि यह छोटी सी चीजें हमें कितना सेहतमंद बनाए रखने में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकती है ?कभी सोचा है कि सौंफ खाने के कितने फायदे हो सकते हैं!?आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सौंफ खाने के बहुत से फायदे हैं जिनमें से कुछ फायदा के बारे में आज हम जानेंगे!

वैसे तो सौंफ का इस्तेमाल करने के अनेक फायदे हैं इनमें से कुछ फायदे इस प्रकार है!

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#1भोजन के पाचन में मददगार!!

सौंफ का उपयोग करके हम हमारी पाचन शक्ति को बढ़ा सकते हैं! इसका उपयोग करने से पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है यह पेट की गंभीर समस्याओं से छुटकारा दिलाने में काफी मददगार होता है इसके अलावा पेट दर्द ,पेट में सूजन और गैस जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ ही ,अल्सर, दस्त और कब्ज आदि से राहत दिलाने में भी सौंफ कारगर साबित हो सकती है !

#2आंखों के लिए फायदेमंद!!

क्या आप सोच सकते हैं कि शॉप हमारी आंखों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है अगर किसी व्यक्ति की आंखों में जलन या खुजली हो रही है तो उस ऑफ की भाप आंखों पर लेने से राहत मिल सकती है इसके अलावा सौंफ को सूती कपड़े में लपेटकर हल्का गर्म करके आंखों को से करने से भी हमें आराम मिलता है ध्यान रहे कि यह अधिक गर्म ना हो आंखों की रोशनी बढ़ाने में विटामिन ए और विटामिन सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं शॉप में विटामिन ए पाया जाता है इस प्रकार सौंफ के सेवन से बढ़ती उम्र में भी आंखों की रोशनी प्रवाहित होने से बच सकती है।और आपकी आंखों की रोशनी हमेशा एक सी रह सकती है।

#3वजन कम करने में उपयोगी!!

सौंफ के छोटे-छोटे बीच फाइबर से भरपूर होते हैं।जो कि बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी लाभदायक होते हैं। यह न सिर्फ वजन कम करने में सहायक होते हैं बल्कि शरीर में अतिरिक्त वसा को बनने से भी रोकते हैं। कोरिया में हुए एक शोध के मुताबिक सौफ की एक कप चाय नियमित पीने से भी बढ़ते वजन को रोका जा सकता है।

#4त्वचा के लिए फायदेमंद।।

सौंफ से त्वचा की समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है त्वचा को निखारने के लिए हम मुट्ठी भर सौंफ के बीजों को पानी में उबालकर उसे ठंडा करते हैं तथा इस मिश्रण को कुछ देर रखते हैं बाद में इस मिश्रण को नारियल के तेल की कुछ बूंदों के साथ मिलाए और रुई की सहायता से मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं। अपनी त्वचा पर होने वाले असर को स्वयं अनुभव करें।

#5हड्डियों के लिए फायदेमंद ।।

सौंफ के बीजों में कुछ मात्रा में कैल्शियम भी पाया जाता है।जो हमारी हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। सौंफ के अंदर ना केवल कैल्शियम बल्कि मैग्निशियम एवं फास्फोरस तथा विटामिन भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो कि हमारे शरीर को मजबूत और दुरुस्त करने में सहायक होते हैं।

#5सौंफ के औषधि गुण।।

सौंफ कोलोन कैंसर के विकास की जोखिम को कम करने में बहुत ही मददगार होता है।क्योंकि यह कैंसर जनित विषाक्त पदार्थों को शरीर से हटाता है इसके अलावा जड़ी बूटियों में एथेनॉल नामक एक उत्तम एंटी इन्फ्लेमेटरी फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाया जाता है।जो शरीर पर कैंसर विरोधी प्रभाव डालता है ।

#6सौंफ का प्रयोग कर श्वशन समस्याओं को दूर किया जा सकता है

सौफ में कफ को दूर करने वाले गुण भी पाए जाते हैं जो खांसी सर्दी फ्लू और साइनस इंफेक्शन जैसे स्वसन तंत्र से होने वाले संक्रमण से राहत दिलाने में मददगार है । उदाहरण के लिए जब हमें खांसी और गले में समस्याएं हो तो हम दिन में दो से तीन बार सौंफ की चाय पी सकते हैं। या फिर हम एक कप पानी में 2 बड़े चम्मच सौंफ के बीजों को डालकर उसे उबाल कर तथा उसका पानी जब आधा रह जाए तब उसे छानकर उस से कुल्ला करने से भी कफ् की समस्या दुर करने मे मदद मिलती है।

#7ह्रदय संबंधी समस्याओं को रखे दूर।।

सौप दिल की समस्याओं अथवा हार्ट प्रॉब्लम्स से होने वाले खतरे को कम करता है, यह पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत है ,जो उच्च रक्तचाप के साथ-साथ Colestrol को भी कम करने में मदद करता है! इसके अलावा कच्चे सौंफ की जड़, फाइबर से समृद्ध होती है जो कोलेस्ट्रोल के निर्माण का नियंत्रण करने में मदद करता है। इसमें विटामिन सी भी शामिल होते हैं। जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं और फ्री रेडिकल गतिविधियों को बाधित कर के रोगों से बचाता है।